वित्तीय अनियमितताओं का उत्पादक बना दुग्ध संघ

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घपले घोटाले की खबर तब रोचक हो जाती है, जब घपले दर घपले करने वालों को जिस पार्टी का संरक्षण प्राप्त हो और उसी पार्टी से ताल्लुक रखने वाले घपलों का पर्दाफाश कर देते हों । ठीक ऐसा मामला उत्तराखंड की लालकुआं विधानसभा में लालकुआं तहसील का सामने आया है मामला है :-

‘उत्तराखंड को ऑपरेटिव डेरी फेडरेशन ‘ की जिला इकाई ‘ ‘नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि. लालकुआं ‘ का,जहां वर्ष 2022 में ‘उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली’ के तमाम प्रावधानों को दरकिनार कर, क्रमवार कई वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम दिया गया।

इन घपले घोटालों में किनका नुक्सान हुआ और किन कुपात्रों को लाभ पहुंचा, यह जानने के लिए जरूरी है कि, पहले इस फेडरेशन को संक्षेप में समझ लिया जाए — उत्तराखंड में थ्री टायर सिस्टम के तहत कई प्रोजेक्ट चलाए जाते हैं,जिनमें से एक डेरी फेडरेशन भी है।इस थ्री टायर सिस्टम के तहत इसमें पहला टायर है ग्राम स्तर, दूसरा है जिला स्तर और तीसरा है राज्य स्तर । राज्य के तेरह जिलों में से अभी ग्यारह जिलों में ये सिस्टम काम कर रहा है । जिसमें ग्राम स्तर पर दुग्ध उत्पादक किसान अपनी अपनी समितियां बनाते हैं जिनमें से चुन कर अध्यक्ष और सचिव सहित नौ लोगों का एक बोर्ड बनता है । इसी तरह प्राथमिक समितियों के कई बोर्ड जिला स्तर पर एक बोर्ड बनाते हैं । जिला स्तरीय अलग अलग बोर्ड, राज्य स्तर पर बोर्ड गठित करते है जो उत्तराखंड को ऑपरेटिव डेरी फेडरेशन कहलाता है ।

अब इस सिस्टम के बीच वाला एक टायर यानी नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिo लालकुआं पंक्चर हुआ है जिसकी आवाज़ इन दिनों सोशियल मिडिया में जोरों से गूंज तो रही है,पर कोई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी कान देने को राजी नहीं है तो चलिए इन वित्तीय अनियमितताओं के क्रम को जानते समझते है कि, क्या-क्या वित्तीय अनियमितताएं हुई दुग्ध संघ में जो निम्न लिखित हैं –

1 – AGM यानी वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक में नियम विरुद्ध चीजों की खरीद व किराए की सामग्री पर 27 लाख ₹ से अधिक की वित्तीय अनियमितताएं ।
2 – AGM में ही भोजन व्यस्था के लिए 4.5 लाख ₹ में GST अधिनियम का उलंघन ।
3 – ऐसे ही टैंट की व्यवस्था के लिए 4.47 लाख ₹ का कच्चे बिल पर भुगतान ।
4 – कमेटी द्वारा दक्षिण भारत भ्रमण में नियम विरुद्ध परिवार के सदस्यों को ले जाकर 7,74,070.00 लाख ₹ का व्यय ।

इन चारों बिंदुओं पर अब क्रमवार पड़ताल से पहले यहां उल्लेख जरूरी है कि वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक का उद्देश्य क्या-क्या होता है । थ्री टायर सिस्टम के तहत उत्पादकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इस तरह के आयोजन अमल में लाए जाते हैं । जहां वर्ष में एक बार उन्हें एकत्रित कर उनके सामने कृतज्ञ हो उनके कार्य की सराहना करते हुए उन्हें उपहार आदि दिए जाते हैं । पर हैरानी की बात यह है कि ये आयोजन उनके बहाने होते तो हैं पर उनके हाथ कुछ नहीं लगता । उनके हिस्से के उपहार सत्ताधारियों को अपने पक्ष में करने को इस्तेमाल किए जाते हैं । इन घोटालों की असल वजह यही है । खैर…
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी एक शिकायती पत्र भेजा गया, जिस पर सचिव डेरी विकास विभाग Dr B.V.R.C Purushottam, IAS द्वारा जांच के निर्देश जारी किए थे ।

किसके पास है जांच का जिम्मा

डा पुरुषोत्तम IAS द्वारा प्रेषित पत्र 26 मई 2023 का पत्र बताता है कि जांच कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत IAS को भेज कहा गया है कि,शिकायती पत्र में उठाए गए बिंदुओं पर जांच करते हुए, जांच आख्या निष्कर्ष / मंतव्य सहित शासन को उपलब्ध कराने का कष्ट करें । अब इन तीन महीनों में जांच कहां तक पहुंची है ये अभी आगे देखना बाकी है।

samanantar.in की अभी उपरोक्त सभी पर बिंदूवार पड़ताल पूर्ण साक्ष्यों के बिना अधूरी है पर जल्द पूरी हो जाएगी ।


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