तो एपीसीसीएफ विवेक पांडेय दबाए बैठे हैं चतुर्वेदी के पापों की पोटली

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संजीव चतुर्वेदी फर्जी बिलों के भुगतान जैसी चिन्दी चोरी में नाम कमा चुके हैं जिनके प्रमाण भी मौजूद हैं। यहाँ एक बात और कहनी है कि जिन दुकानों से फर्जी बिल बनाये गए हैं वो उस पते के मुताबिक अस्तित्व में ही नहीं हैं। ऊपर से उन बिलों में प्रिंटेड नाम, रसीद क्रमांक और जी.एस.टी. नंबर भी मौजूद नहीं हैं। इससे बड़ी एक और बात कि संजीव चतुर्वेदी द्वारा पास किए तमाम बिलों में हस्तलेखन भी एक ही है।


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