
ब्रिटिश कालीन पंचक्की पर हुआ है अवैध निर्माण।
हल्द्वानी। सूबे की सरकार एक तरफ तो जंगलों और दूर दराज के ईलाकों में अतिक्रमण ध्वस्त कर अपनी पीठ थपथपाती नजर आती है पर व्यस्त चौराहों में अतिक्रमण को लेकर जाने क्यों लापरवाही बरते हुए है।
हीरानगर चौराहा शहर के व्यस्तम चौराहों में से एक है, यहाँ जितना ज्यादा ट्रैफिक बढ़ा हैं उतनी ही तेजी से अतिक्रमण भी बढ़ा है, हाल यह है कि अतिक्रमण और अव्यवस्थित निर्माण से दुर्घटनाएं भी होने लगी हैं।
यहाँ वार्ड नं0 – 17 के पार्षद शैलेन्द्र दानू लगभग एक वर्ष से नगरनिगम, सिंचाई विभाग और राजस्व विभाग को पत्राचार के माध्यम से अवगत कराते आरहे है कि हीरानगर चौराहे पर ब्रिटिश कालीन बंद पड़ी पंचक्की (अतिक्रमण वाली जगह ) पर सार्वजनिक शौचालय की आवश्यकता है, पर सम्बन्धित विभाग अर्से से गहरी नींद सोए हुए हैं। उक्त स्थान पर अतिक्रमण के चलते अराजकता का हाल यह है कि कुछ दिन पहले यहाँ एक महिला दुर्घटना के चलते अस्पताल के आई सी यू में जिंदगी और मौत से लड़ रही है जो प्रशासनिक लापरवाही का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

सबसे बड़ा सवाल यह कि जब भूमि सरकारी है तो उस पर कब्ज़ा कर निर्माण कैसे हो गया, और सरकारी संपत्ति पर कब्जों से जनहानी होने लगी है तो कब्जे ध्वस्त कर छुड़ाए क्यों नहीं जा रहे। इसी बात पर नाराजगी जताते हुए वार्ड के पार्षद शैलेन्द्र दानू ने 13 जुलाई को 12 बजे उक्त स्थान पर धरना प्रदर्शन शुरू करने का एलान किया है।

वार्ड के पार्षद शैलेन्द्र दानू का कहना है कि – अब विभागीय अधिकारियों से पत्राचार बहुत हुआ। मैं क्षेत्र की जनता के साथ हीरानगर चौराहे पर 13 जुलाई को 12 बजे धरना प्रदर्शन को बाध्य हूँ जो एक आंदोलन का रूप लेगा,और इस आंदोलन की समस्त जिम्मेदारी सम्बन्धित विभागों की होगी, जिन्होंने समय रहते जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया। जनता की सुरक्षा, सम्मान और मूलभूत सुविधाओं के लिए यह संघर्ष जारी रहेगा।